उपेंद्र कुशवाहा ने हाल ही में एनडीए का साथ छोड़ा

Upendra Kushwaha recently left with NDA
नई दिल्ली <<समाचार आज तक>> लोकसभा का पंचवर्षीय चुनावी उत्सव अब ज्यादा दूर नहीं है और देशभर में राजनीतिक समीकरण बहुत तेजी से बदल रहे हैं. दुश्मनी और दोस्ती की नई परिभाषाएं गढ़ी जा रही हैं और आस्था और विश्वास के नए केंद्र उभर रहे हैं. ऐसे में मोदी सरकार में मंत्री रहे उपेंद्र कुशवाहा का एनडीए से हटना एक बड़ी राजनीतिक ताकत बनने का रास्ता तलाश करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.
बिहार की राजनीति में साल 2003 में उपेंद्र कुशवाहा उस समय एक बड़ा नाम बनकर उभरे जब नीतीश कुमार ने उन्हें बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया और इस तरह मुख्यमंत्री के बाद सबसे ताकतवर कुर्सी कुशवाहा के पास आ गई. कुशवाहा ने भी नीतीश के प्रति अपनी आस्था को पूरी श्रद्धा से साबित किया और पूरे राज्य में उनके पक्ष में हवा बनाई.
नीतीश के साथ अपने संबंधों का जिक्र करते हुए कुशवाहा उन अच्छे दिनों को याद करते हैं तो उन बुरे दिनों को भी भूले नहीं हैं, जब 2005 में नीतीश कुमार पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने उपेंद्र कुशवाहा का बंगला खाली कराने के लिए उनकी गैरमौजूदगी में उनके घर का सामान तक बाहर फिंकवा दिया.

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