यह अभी ट्रेलर है जब मोदी के यह काले कानून लागू हो गए तो गेहूं और धान का हाल ओर भी बदतर होगा: बलदेव सिंह

*मोदी के एजेंट बन कर किसानी संघर्ष को तारपीडो करने की ताक में हैं बादल – जै सिंह रोड़ी*
*👉🏿-‘आप’ का सवाल, पंजाब बंद वाले दिन ही क्यों रखा बादलों ने बराबर प्रोग्राम?*
*👉-अमरिन्दर और बादलों की कमजोरियों को पंजाब के विरुद्ध हथियार के तौर पर ईस्तेमाल करती है मोदी सरकार -मास्टर बलदेव सिंह*
*👉🏻-अपील पार्टीबाजी से ऊपर उठ कर किसानी संघर्ष के साथ डटे सारा पंजाब*

समाचार आज तक,  जालंधर 2 3 सितंबर 2020(अमिता शर्मा)
*चंडीगढ़, 23 सितम्बर 2020*
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने प्रदेश की सभी राजनैतिक दलों, सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं समेत प्रदेश के सभी वर्गों से अपील की है कि वह मोदी सरकार के कृषि विरोधी काले कानूनों के विरुद्ध किसानी संघर्ष का साथ दे और 25 सितम्बर के बंद को कामयाब बनाएं। ‘आप’ ने साथ ही 25 सितम्बर को बादलों की ओर से ‘चक्का जाम’ के ऐलान को किसानी संघर्ष के विरुद्ध साजिश बताया है।
आज यहां प्रैस कान्फ्रेंस को संबोधन करते हुए विधायक जै सिंह रोड़ी व मासटर बलदेव सिंह जैतो ने दोष लगाया है कि ‘नाटक क्विन’ हरसिमरत कौर बादल के इस्तीफे वाले ड्रामे के बावजूद बादल आज भी केंद्र सरकार का हिस्सा हैं और मोदी के एजेंट के तौर पर काम कर रहे हैं, इस लिए 25 सितम्बर को किसान जत्थेबंदियों की ओर से दिए गए पंजाब बंद के प्रोगराम को तारपीडो करने के लिए बादलों ने 25 सितम्बर को ही ‘चक्का जाम’ का नाटक ऐलान दिया है। इस मौके डा. संजीव शर्मा, डा. शिव दियाल माली, दर्शन लाल भक्त, राजविन्दर कौर, कश्मीर सिंह, करतार सिंह, आत्म प्रकाश सिंह और लक्की रंधावा और अन्य नेता उपस्थित थे।
जै सिंह रोड़ी ने दोष लगाया कि किसानी संघर्ष के बराबर बादलों की ओर से यह नाटक मोदी सरकार के इशारे पर किया जा रहा है, जिससे किसी तरीके भी पंजाब के किसानों और आम लोगों की जागरूक न किया जा सके।
जै सिंह रोड़ी ने बादल परिवार को पंजाब का गद्दार करार देते सवाल किया कि मोदी की काले कानूनों के लिए इतनी तानाशाही के बावजूद बादलों ने एनडीए की अपेक्षा नाता क्यों नहीं तोड़ा? केंद्र सरकार का खुद हिस्सा होने के बावजूद बादल पंजाब में ‘चक्का जाम’ का नाटक किस के विरुद्ध कर रहे हैं? क्या यह पाखंड 25 सितम्बर को ही जरूरी है और आगे पीछे क्यों नहीं हो सकता?
मास्टर बलदेव सिंह ने कहा कि पंजाब के लोगों ने बादलों की ऐसी दोगली हरकतों के कारण पहले ही इन (बादल परिवार) का चक्का जाम पक्के तौर पर कर रखा है और बादलों और भाजपा की गांवों में ‘नौ एंट्री’ के बोर्ड लगने शुरू हो गए हैं।
मास्टर बलदेव सिंह ने कहा कि बादलों की तरह मुख्य मंत्री अमरिन्दर सिंह भी मोदी सरकार की कठपुतली है। हाई-पावर समिति में अमरिन्दर सिंह और वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल की ओर से इन काले कानूनों को चुप-चाप सहमति देना और वित्तीय संशोधनों के नाम पर गठित मोंटेक सिंह आहलूवालीया समिति के द्वारा मोदी सरकार के इन काले कानूनों को हू-ब-हू लागू करने की प्रक्रिया शुरू करना इस तथ्य की पुष्टि करता हैं कि अमरिन्दर सिंह मोदी सरकार के करिन्दे के तौर पर काम कर रहे हैं।
‘आप’ नेताओं ने दोष लगाया कि बड़े स्तर के भ्रष्टाचार, शराब और ड्रग माफिया, ईडी और इंकम टैक्स, विदेशी बैंक खाते और विदेशी मेहमानों के कारण अमरिन्दर सिंह और बादल परिवार की अनेकों कमजोरियों के कारण इन दोनों परिवारों की नब्ज मोदी के हाथ में है। यही कारण है कि नरिन्दर मोदी सरकार अमरिन्दर सिंह और बादलों को पंजाब के विरुद्ध ही हथियार के तौर पर ईस्तेमाल करती आ रही है।
*बॉक्स के लिए*
👉🏻-*मंडियों में मक्का की हो रही बे-कदरी, कपास और बासमती के बारे में जवाब दे सरकारें – ‘आप’*
जै सिंह रोड़ी ने कहा कि कांग्रेस और अकाली-भाजपा की किसान विरोधी नीतियों और नीयत का क्षतिपूर्ति देश और पंजाब का किसान कल भी भुगतता था और आज भी भुगत रहा है।
आज पंजाब की मंडियों में एमएसपी ऐलान होने के बावजूद मक्का 1870 की जगह 650 से 1000 रुपए और कपास (काट्टन) 5825 रुपए प्रति क्विंटल की जगह 4000 -4500 रुपए बिक रहा है। जबकि एमएसपी रहित बासमती की फसल केवल 1900 रुपए प्रति क्विंटल खरीदी जा रही है, जिस को बाद में यही मध्यस्थ (विचौले) खरीददार 6000 रुपए प्रति क्विंटल तक उपभोक्ताओं को बेचते हैं।
मास्टर बलदेव सिंह ने कहा कि यह अभी ट्रेलर है जब मोदी के यह काले कानून लागू हो गए तो गेहूं और धान का हाल ओर भी बदतर होगा।

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