फ़ीस मुद्दे को लेकर निजी स्कूलों की पुनर्विचार याचिका को माननीय पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ठुकराया l..अभिभावक वर्गों में ख़ुशी की लहर l*

*फ़ीस मुद्दे को लेकर निजी स्कूलों की पुनर्विचार याचिका को माननीय पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ठुकराया l..अभिभावक वर्गों में ख़ुशी की लहर l*

_पेरेंट्स जागरूक तो हों, माननीय हाईकोर्ट का अंतरिम फैसला उनके हितों की वकालत करता है:-डायरेक्टर “सारस”_

पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने निजी स्कूलों की पुनर्विचार याचिका को ठुकरा दिया है,और पेरेंट्स के हित में दिए अपने पुराने फैसले को बरकार रखा है l इस ताजातरीन घटनाक्रम के बाद अभिभावक वर्ग में खुशी का माहौल है l इस विशेष मौके पर बाल अधिकार को लेकर पंजाब की बेहद गंभीर एवं सजग संस्था “सारस” के चीफ डायरेक्टर एस.के चौधरी ने इसे पंजाब भर के अभिभावकों की जीत मानते हुए अपनी विशेष बातचीत के दौरान कहा की आज फीस मामले को लेकर निजी स्कूल वाले कटघरे में खड़े हैंl पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में पिछले दिनों सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट कर दिया गया था कि कोई स्कूल फीस वसूली की आड़ में अभिभावकों को तंग नहीं करे,एवं कोई नामांकन शुल्क,अन्य गतिविधि आदी के शुल्क,बस किराया आदि की अनुचित मांग ना करेंl श्री चौधरी ने आगे बताया कि माननीय हाईकोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में स्पष्ट रूप से कहा है कि स्कूल सिर्फ पीरियड के हिसाब से ऑनलाइन पढाई की ट्यूशन फीस की ही मांग कर सकते हैंl अगर किसी स्कूल ने बच्चो को व्हाट्सएप पर स्क्रीनशॉट या पीडीएफ के द्वारा पढ़ाई करवाई है,तो वह ट्यूशन फीस लेने का अधिकारी नहीं हैl जिस किसी भी स्कूल ने ऑनलाइन लाइव होकर बच्चों को क्लास देने की सुविधा ना दिया हो, वह ट्यूशन फीस की भी मांग नहीं कर सकता है l उन्होंने एक बार फिर जोर देकर कहा है कि अभिभावक वर्ग अपने अधिकार को जानें और निजी स्कूलों के किसी भी धक्केशाही का माकूल जवाब दें, माननीय उच्चत्तम न्यायालय का अंतरिम फैसला उनके अधिकार की पुरजोर वकालत हीं तो करता हैl

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