पार्ट-1- पंजाब में आज से स्कूलों को खोलने से पहले सरकार को कर्नाटक औऱ बिहार राज्य से सबक लेना चाहिये था :डायरेक्टर “सारस”*

*पंजाब में आज से स्कूलों को खोलने से पहले सरकार को कर्नाटक औऱ बिहार राज्य से सबक लेना चाहिये था :डायरेक्टर “सारस”*

*कोरोना के नये स्ट्रेन की पुष्टि से घबराये हुये हैँ आम अभिभावक*

The government should have taken a lesson from the state of Karnataka before opening schools in Punjab from today: Director “saras” *

पंजाब सरकार द्वारा राज्य में सरकारी एवं निजी स्कूलों को खोलने के निर्देश आज से दे दिए गए हैं l यह आदेश कक्षा 5 से 10+2 तक के विद्यार्थियों को लेकर जारी किया गया है l पंजाब के शिक्षा मंत्री श्री विजयइंदर सिंगला द्वारा जारी किये गये इस आदेश के बाद से आम अभिभावकों के द्वारा अलग अलग तरह की प्रतिक्रियाएं व्यक्त की जा रही हैं l यह विचार पंजाब में बच्चों के अधिकार को लेकर सजग एवं प्रतिष्ठित नैतिक संस्था “सारस” के डायरेक्टर एस.के चौधरी ने व्यक्त किया है l उन्होंने समाचार आज तक को एक विशेष बातचीत में बताया है कि देश में कोरोना के नये स्ट्रेन की पुष्टि और कर्नाटक में स्कूली बच्चों के कोरोना पीड़ित होने के बाद उक्त आदेश के सन्दर्भ में पंजाब के अभिभावकों का चिंतित होना लाजिमी हीं हैl पंजाब सरकार ने अपने आदेश में स्कूलों को जिस किसी भी दिशा निर्देश को पालन करने की हिदायतें जारी की हैँ वह वास्तव में कितना सफल हो पायेगा यह तो समय हीं बतायेगा पर जागरूक अभिभावकों की चिंताओं को सिरे से ख़ारिज नहीं किया जा सकता है l उक्त विषयों को लेकर देर तक चले “सारस” प्रतिनिधियों की विशेष बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया है की वह जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं माननीय डीसी से मिलकर उन्हें अभिभावकों की आम चिंताओं से अवगत कराएँगे एवं स्कूलों पर अपनी पैनी नजर रखने को कहेंगे l बैठक के दौरान ‘सारस’ कार्यकारिणी मंडल के सभी सदस्य उपस्थित थे l

किस्त 2 में हम लेकर आएंगे बच्चों का स्कूल जाना कितना खतरनाक । अभी तक वैक्सिंग पूरी तरह से उपलब्ध नहीं है बावजूद इसके स्कूल को खोला जा रहा है बच्चों की  जिंदगी से पूरी तरह खिलवाड़ किया जा रहा है

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