राणू सेखड़ी ने पंजाब कांग्रेस पर सनसनीखेज इलजाम लगाया, चेयरमैनी को लेकर विवाद

समाचार आज तक

बटाला के हिंदू चेहरा माने जाते पूर्व मंत्री अश्विनी सेखड़ी के भतीजे ने फेसबुक पर पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अश्विनी सेखड़ी के भतीजे राणू सेखड़ी, जो पार्टी बटाला जिला महासचिव और सोशल मीडिया विंग के जिला प्रभारी हैं, ने फेसबुक पोस्ट के जरिये पार्टी में जट्‌टवाद चलाने का आरोप लगाया है। इसके बाद भाजपा व उसके सहयोगी दल शिअद को बैठे बिठाए कांग्रेस को घेरने का मौका मिल गया। सेखड़ी की मानें तो पंजाब कांग्रेस में सिर्फ जट्‌टसिखों को ही चेयरमैन जैसे मलाईदार पद दिए जा रहे हैं, बरसों से वफा निभाने वाले वरिष्ठ हिंदू व दलित नेताओं को साजिश के तहत दूर रखा जा रहा है।

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राणू सेखड़ी ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि गुरदासपुर जिला समेत बटाला से जिन चार लोगों को पंजाब सरकार में चेयरमैनियां दी गई हैं, वो चारों जट्‌ट सिख हैं। उनमें से एक भी हिंदू या दलित या क्रिश्चियन नेता नहीं है। सवाल पूछने पर राणू सेखड़ी ने कहा कि पंजाब हेल्थ कॉपोरेशन बोर्ड का चेयरमैन अमरदीप सिंह चीमा को चेयरमैन लगाया गया है, एसएस बोर्ड का चेयरमैन गुरप्रताप सिंह मान को लगाया गया है, जिला प्लॉनिंग बोर्ड का चेयरमैन डॉ. सतनाम सिंह निज्जर व एडवाइजरी बोर्ड के मेंबर हरमन गोराया को लगाया गया है। चीमा को छोड़ बाकी के पास तो कांग्रेस की प्राइमरी मेंबरशिप तक नहीं है। कांग्रेस पार्टी को इन लोगों की कोई देन नहीं, फिर भी 45-45 साल से पार्टी के लिए वफादारी निभा रहे वरिष्ठ कद के हिंदू व दलित नेताओं जिनकी लिस्ट काफी लंबी है, को साजिश के तहत चेयरमैन नहीं बनाया गया।

राणू सेखड़ी ने पंजाब कांग्रेस पर सनसनीखेज इलजाम लगाते हुए कहा कि बटाला व पंजाब की कांग्रेसी राजनीति के वरिष्ठ हिंदू नेता पूर्व मंत्री अश्विनी सेखड़ी को साजिश के तहत कांग्रेसी राजनीति में खत्म किया जा रहा है। विकास कार्यां में या जिम्मेदार ओहदों के आबंटन में अश्विनी सेखड़ी की सलाह नहीं ली जा रही। उन्हें पंजाब कांग्रेस के अंदर पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है। राणू सेखड़ी ने यह भी चेतावनी दी है कि हिंदू व दलित नेताओं के साथ पंजाब कांग्रेस के अंदर हो रहे भेदभाव के चलते आग सुलगनी शुरू हो गई है और जल्द ही पंजाब कांग्रेस की राजनीति में विस्फोट होगा। आने वाले समय अब मीडिया के सामने खुलकर विरोध होगा।

सवाल पूछने पर राणू सेखड़ी ने कहा कि उनके पिता दो बार बटाला नगर कौंसिल के अध्यक्ष रह चुके हैं। उनका परिवार सात बार पार्षद की सीट जीतकर कांग्रेस की झोली में डाल चुका है। वह चाहते हैं कि जब वह दुनिया से विदा हो तो कांग्रेस का झंडा ही उनका कफन बने। राणू सेखड़ी ने कहा कि कांग्रेस का सच्चा स्वयंसेवक होने के चलते ही उन्होंने पंजाब कांग्रेस के अंदर हिंदू व दलित और क्रिश्चियन कांग्रेसी नेताओं से चल रही धक्केशाही के खिलाफ आवाज उठाई है। कांग्रेस गांधी के रास्ते पर चलने वाली पार्टी है और गांधी का रास्ता हिंदूओं या किसी नेता के साथ धर्म के आधार पर या दलित होने के चलते भेदभाव करने की इजाजत नहीं देता। इस बारे में जब बात की गई तो एसएस बोर्ड के चेयरमैन गुरप्रताप सिंह मान ने कोई कमेंट करने से इनकार कर दिया।

जरा इन दो नए चेयरमैनों की भी जानें, क्या कह रहे हैं

मैं राणू सेखड़ी को बताना चाहता हूं कि जब तक वो महीने में एक बार माता चिंतपूर्णी के दरबार में माथा न टेक लूं और सुबह गोशाला में जाकर गोमाता की सेवा न कर लूं, मुझे चैन नहीं आता। पंजाब सरकार ने मुझे दिव्यांगों के जिस बोर्ड में लगाया है, उस पद के लिए नियम के मुताबिक किसी राजनेता की नहीं, बल्कि सोशल वर्कर की नियुक्ति होनी थी। जट्‌ट होने के कारण मुझे ओहदा मिला है, यह कहना गलत है।

हरमन गोराया

वरिष्ठ कांग्रेस नेता राणू सेखड़ी की पोस्ट पर मैं कोई कमेंट नहीं करना चाहता। डेमोक्रेसी है, हर किसी को बोलने का अधिकार है। नगर निगम के चुनाव नजदीक आने वाले हैं। सेखड़ी साहब चुनाव की तैयारियों की और ध्यान दें, वो हिंदू या जट्‌ट सिख की बात न करें, चुनाव जीतें तो पार्टी उन्हें मेयर भी बना सकती है। रही बात मेरी कि मेरे पास कांग्रेस की प्राथमिकी मेंबरशिप नहीं है तो अगर मुझे अवसर मिला है तो मेरा काम देखें और इसके बाद कोई टिप्पणी करें। तब मुझे भी अच्छा लगेगा।

डॉ. सतनाम सिंह निज्जर
Click short

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *