सांसद, मेयर, नगर निगम कमिश्नर, एमएलए प्रगट ने कहा कि हाई कोर्ट के ऑर्डर के बाद बस स्टैंड पर बनी अवैध दुकानों में कोई नहीं मिलेगी राहत

समाचार आज तक,  जालंधर  4 July  2020(अमिता शर्मा)

शनिवार को दुकानदार एक बार फिर प्रधान चंदन माघा के नेतृत्व में गुरु नानक मिशन चौक पर इकट्ठा हुए और विधायक के खिलाफ नारेबाजी की। राजनीति चमकाने पूर्व विधायक मक्कड़  भी वहां पहुंच गए उन्होंने कहा कि परगट सिंह पहले तो कोरोना वायरस के डर से घर से बाहर ही नहीं निकले और अब शहर खुल गया है तो लोगों को तंग करने आ गए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के कारण हुए लॉक डाउन से कामकाज पहले ही ठप हैं। ऐसे में दुकानदारों को हटा कर उनकी रोजी-रोटी छीना ठीक नहीं है। उनके लिए नई व्यवस्था होनी चाहिए। जब तक ये काम नहीं होता, दुकानदारों को काम करने दिया जाए।

70 दुकानों पर कभी भी लटक सकती है निगम की तलवार

वहीं दूसरी ओर इस मामले बस स्टैंड-गढ़ा रोड के 70 से ज्यादा दुकानदारों पर नगर निगम यह तलवार लटकी है ।एवं दुकानों को गिराने की कार्रवाई कभी भी हो सकती है। पिछले दिनों 10 जून को दुकानें बचाने के लिए दुकानदार सांसद चौधरी संतोख सिंह से मिले थे। लेकिन सांसद ने दुकानदारों को मेयर के पास भेज दिया था। मेयर जगदीश ने भी हाईकोर्ट के आदेशों  सही माना और मेयर जगदीश राजा ने दुकानदारों को ज्वाइंट कमिश्नर के पास भेजा। लेकिन दुकानदारों को कहीं से भी राहत की उम्मीद नहीं जगी। सभी ने हाईकोर्ट के आर्डर का हवाला दिया और कार्रवाई रोकने में असमर्थता जताई।

यह सभी दुकानें सड़क पर बनी हैं और नगर निगम हाई कोर्ट से केस जीत चुका है। निगम ने 9 जून मंगलवार को इन सभी को नोटिस जारी करके तीन दिनं में अपना सामान उठाने के लिए कहा था।

सांसद मेयर नगर निगम कमिश्नर इत्यादि ने कहा कि इल्लीगल दुकानों में कोई मदद नहीं मिलेगी

सांसद से मिले दुकानदारों ने अपील की थी कि लॉकडाउन के कारण पहले ही कारोबार बंद है, ऐसे में उन्हें उजाड़ा ना जाए। सांसद चौधरी संतोख सिंह ने दुकानदारों को आश्वासन देकर मेयर जगदीश राज राजा के पास भेजा था। नगर निगम कमिश्नर दीपर्वा लाकड़ा ने कहा था कि नगर निगम इन सभी को वार मेमोरियल के सामने बने स्ट्रीट वेंडिग जोन में शिफ्ट करना चाहता है। दुकानदार दुकानें छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। नगर निगम किसी भी समय दुकानें गिराने की कार्रवाई को अंजाम दे सकता है। यह पहला मौका है जब दुकानदारों को कहीं से भी कोई मदद नहीं मिल रही है। इससे पहले जब भी नगर निगम ने दुकानें गिराने की प्लानिंग की हर बार दुकानदारों के साथ कई नेता खड़े हो जाते थे। अब जब हाई कोर्ट में केस निगम जीत चुका है तो कोई भी दुकानदारों का साथ देने को तैयार नहीं है।

हाईकोर्ट के आदेश का पालन होगा : निगम कमिश्नर

निगम कमिश्नर करनेश शर्मा ने कहा कि इन दुकानों का मामला कोर्ट से जुड़ा है। सोमवार को इसमें कोर्ट के फैसले के अनुसार ही काम होगा। दुकानें सड़क पर बनी हैं, इसलिए कोर्ट ने इन्हें हटाने को कहा है। इस मामले में एक्शन जल्द ही  होगा ।

अवैध  बिल्डिंगों के खिलाफ कई बार मुद्दा उठा चुके हैं एमएलए परगट

गौरतलब है एमएलए परगट सिंह इलीगल दुकानों बिल्डिंगों के खिलाफ शुरू से ही खड़े है । उन्होंने कहा कि निगम इलीगल बिल्डिंग ऊपर कारवाई करें ताकि निगम को रेवेन्यू का नुकसान ना हो और उन्होंने  नगर निगम कमिश्नर से कहा था कि इन दुकानों का कब्जा हटा दिया जाए अब तो हाईकोर्ट का आदेश भी आ चुका है फिर क्यों नगर निगम इसको हटाने में गुरेज कर रही है नगर निगम कमिश्नर के पास पूरी पावर है कि इन दुकानों को जल्द से जल्द हटाया जाए अगर इसी तरह से शहर में अवैध कब्जे होते रहेंगे तो निगम को आने वाले समय में काफी बड़ा नुकसान हो सकता है।

दुकानदारों की इस मुहिम में अकाली नेता एमएलए सरबजीत मक्कड़ उनका साथ दे रहे हैं अब देखना यह होगा नगर निगम कमिश्नर किसकी सुनते हैं क्या वह सच का साथ देते हैं। या यह मामला यूं ही अधर में लटका रहेगा

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