कुलभूषण जाधव मामले में ICJ का फैसला, कब-क्या हुआ? पढ़ें गिरफ्तारी से लेकर अब तक की पूरी टाइमलाइन

कुलभूषण जाधव मामले में आया ICJ का फैसला, जानिए मामले से जुड़ी 9 बड़ी बातें

भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव से जुड़े मामले में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस(आईसीजे) बुधवार को अपना फैसला सुना दिया.
Smachar aaj tak, Jalandhar:

कुलभूषण जाधव मामले में बुधवार को इंटरनेशनल कोर्ट का फैसला भारत के पक्ष में आया। अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) में भारत की एक तरह से बड़ी जीत हुई है और पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा पर रोक लगा दी गई है। अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) ने बुधवार को भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा पर रोक लगा दी और पाकिस्तान को फिर से विचार करने का आदेश दिया। अदालत ने जाधव को काउंसिलर एक्‍सेस मुहैया कराने को भी कहा है. पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत द्वारा जाधव को मौत की सजा सुनाने जाने के मामले को भारत ने आईसीजे में चुनौती दी थी. पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में बंद कमरे में सुनवाई के बाद जासूसी और आतंकवाद के आरोपों में भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी जाधव (49) को मौत की सजा सुनाई थी. उनकी सजा पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी.
कुलभूषण जाधव मामले से जुड़ी बड़ी बातें
अदालत ने जाधव की फांसी की सजा पर रोक लगाते हुए पाकिस्‍तान को उसकी सजा की समीक्षा करने का निर्देश दिया है. अदालत ने जाधव को काउंसिलर एक्‍सेस मुहैया कराने को भी कहा है.
पाकिस्तान का दावा है कि उसके सुरक्षाबलों ने जाधव को तीन मार्च, 2016 को बलूचिस्तान प्रांत से गिरफ्तार किया था जहां वह ईरान से कथित रूप से घुस गये थे.
भारत का कहना है कि जाधव को ईरान से अगवा किया गया जहां वह नौसना से सेवानिवृत्ति के बाद अपने कारोबार के सिलसिले में गये थे.
पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में बंद कमरे में सुनवाई के बाद जासूसी और आतंकवाद के आरोपों में भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी जाधव (49) को मौत की सजा सुनाई थी.
पाकिस्तान की सैन्य अदालत द्वारा जाधव को मौत की सजा सुनाने जाने के मामले को भारत ने 8 मई 2017 को आईसीजे में चुनौती दी थी.
आईसीजे की दस सदस्यीय पीठ ने 18 मई 2017 को पाकिस्तान को जाधव की मौत की सजा पर अमल से रोक दिया था. मामले की कार्यवाही पूरी होने में दो साल और दो महीने का वक्त लगा.
इस मामले में भारत का पक्ष रखने वाले हरीश साल्वे ने पाकिस्तान की कुख्यात सैन्य अदालतों के कामकाज पर सवाल उठाए थे और इंटरनेशनल कोर्ट में दबाव वाले कबूलनामे पर आधारित जाधव की मौत की सजा निरस्त करने का अनुरोध किया था.
प्रमुख न्यायाधीश यूसुफ की अध्यक्षता वाली आईसीजे की 15 सदस्यीय पीठ ने भारत और पाकिस्तान की मौखिक दलीलें सुनने के बाद 21 फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रखा था.
कुछ समय पहले पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को कंसुलर एक्सेस की सुविधा देने की भारत की मांग नहीं मानी थी और कहा था कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में लंबित है|

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