हाईकोर्ट ने पेरेंट्स को दी राहत, ट्रांसपोर्ट फीस नहीं मांग सकते स्कूल, स्कूलों से मांगी चार्टर्ड अकाउंटेंट से अटेस्टेड बैलेंस शीट,

हाईकोर्ट ने दिया स्कूलों को झटका, अभिभावकों को मिली राहत-ट्रांसपोर्टेशन चार्ज न वसूलने का आदेश, हाईकोर्ट ने स्कूलों से मांगी चार्टर्ड अकाउंटेंट से अटेस्टेड बैलेंस शीट

समाचार आज तक  1 अक्टूबर चंडीगढ़ः

आखिरकार लाकडाऊन में फीस वसूलने के खिलाफ संघर्ष कर रहे अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है। यह राहत पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने दी है। यह राहत मासिक फीस, वार्षिक शुल्क और ट्रांसपोर्ट फीस के मामले में मिली है। फीसें वसूलने देने के एकल बेंच के फैसले के खिलाफ अपील पर वीरवार को हाईकोर्ट ने साफ़ कर दिया है कि जिन स्कूलों ने लॉकडाउन के दौरान ऑन-लाइन क्लास की सुविधा दी है सिर्फ वही स्कूल छात्रों से टयूशन फीस वसूल सकते हैं, इसके साथ ही हाई कोर्ट ने निजी स्कूलों से पिछले सात महीनों की बैलेंस शीट वो भी किसी चार्टेड अकाउंटेंट से वेरिफाई करवा दो सप्ताह में सौंपे जाने के निजी स्कूलों को आदेश दे दिए हैं।
जस्टिस राजीव शर्मा एवं जस्टिस हरिंदर सिंह सिद्धू की खंडपीठ ने यह आदेश सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ सरकार सहित अभिभावकों द्वारा दायर अपील पर सुनवाई करते हुए दिए हैं। हाई कोर्ट ने सिंगल बेंच के 30 जून के फैसले में संशोधन करते हुए यह आदेश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने यह भी साफ़ कर दिया है कि लॉक-डाउन के दौरान छात्र स्‍कूल नहीं गए हैं ऐसे में निजी स्कूल छात्रों से कोई भी ट्रांपोर्टेशन फीस नहीं वसूल सकते हैं। इनकी आदेशों के साथ हाईकोर्ट ने इन सभी अपीलों पर अंतिम सुनवाई किए जाने के लिए इन्हे 12 नवंबर तक स्थगित कर दिया है। जस्टिस राजीव शर्मा ने कहा लॉक डाउन के दौरान स्कूलों ने जो सुविधा नहीं दी है उसकी फीस वह कैसे वसूल सकते हैं। हाई कोर्ट ने साफ़ किया है कि यह आदेश दायर इन अपीलों पर हाई कोर्ट के अंतिम फैसले पर निर्भर होंगी। यह आदेश पंजाब और हरियाणा के सभी निजी स्कूलों पर लागू होंगे

Click short

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *