हरसिमरत कौर बादल द्वारा कोविड-19 की रोकथाम के लिए मुख्यमंत्री को आपदा राहत कोष के अधीन पड़े 6 हजार करोड़ रूपए इस्तेमाल करने की अपील

(Also releases details of money received by State from Centre after March 20)

 

(Tells CM to prioritize funds received from centre for COVID-19 relief activities)

Smachar aaj tak, Chandigarh, April 19 – Union food processing industries minister Harsimrat Kaur Badal today urged Punjab chief minister Capt Amarinder Singh to use Rs 6,000 crore grant received by the State government for the State Disaster Relief Fund besides Rs 3,485 crore already received by him after March 20 this year to provide succour to the poor and needy besides ramping up health infrastructure and health safety kits on a war footing.

In a statement here, Mrs Harsimrat Kaur Badal said it was of utmost importance to provide direct benefits to farmers, farm labourers, daily wagers and migrant labour besides concessions to the common man as well as the industrial sector. “The Rs 6,000 crore plus lying with the State under the Disaster Relief Fund can be used for this purpose immediately. The central government has also sanctioned use of this fund to combat COVID-19 and the Punjab government must not delay releasing funds under this category. The government should also release money immediately to ramp up infrastructure in government hospitals, purchase much needed ventilators and PPE kits besides distributing gloves and masks to all front-line workers”.

Mrs Badal also pointed out that she had disclosed that the centre had released Rs 2,366 crore to the Punjab government on account of GST compensation and arrears besides money under other heads after March 20 when the COVID-19 pandemic broke out. “The State has replied that all funds accruing out of GST collection is their money. Yes, it is the people’s money and the people are suffering. The State government must prioritize spending of the funds sent by the centre to ensure Punjabis do not suffer during these difficult times”.

The Union minister also released the Government of India communications listing out all the grants released to the State since March 20 including Rs 638 crore as a Revenue Deficit Grant, Rs 247 crore for first instalment of disaster management grant for this year, Rs 41crore under the National Health Mission and Rs 71.87 crore as hundred per cent assistance under the emergency response and health preparedness package announced by the Prime Minister. “Besides this Punjab has also received 10.70 lakh Hydrochloroquine tablets, 33,615 N-95 masks and 4,500 PPE kits from the centre”, she said while releasing corresponding central government communications to prove her point.

Mrs Badal said in these difficult times there was no time for ill will or wrangling. “There should be a spirit of cooperation. have just listed the money available with the State to combat COVID-19. I urge the chief minister to use this as well as the Rs 6,000 crore accumulated in the State Disaster Relief Fund to tide over these difficult times. I assure chief minister Capt Amarinder Singh full cooperation in seeking more funds under the Disaster Relief Fund once the State expends Rs 6,000 crore available with it under this head”.

The Union minister said it was also a stark truth that ration dispatched to Punjab by the Centre for 1.4 crore people, which was half its population, was largely lying in State godowns. “Except in two districts distribution is yet to start. I am only urging you to distribute it among the people as quickly as possible”. Mrs Badal also highlighted how distribution of relief targeted for the poor and migrant labourers had been politicized earlier. “Please direct officials to ensure absolute transparent distribution of food material without any political interference”, she added.EOM

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हरसिमरत कौर बादल द्वारा कोविड-19 की रोकथाम के लिए मुख्यमंत्री को आपदा राहत कोष के अधीन पड़े 6 हजार करोड़ रूपए इस्तेमाल करने की अपील

20 मार्च के बाद राज्य को दोबारा केंद्र से प्राप्त किए फंडों का ब्यौरा भी जारी किया

मुख्यमंत्री से कहा कि वह केंद्र से प्राप्त किए फंडों को कोविड-19 राहत कार्यों के लिए इस्तेमाल करें

Smachar aaj tak: चंडीगढ़/19अप्रैलः केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्रीमती हरसिमरत कौर बादल ने आज मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से अपील की है कि वह कोविड-19 की रोकथाम के लिए राज्य सरकार द्वारा आपदा राहत कोष के तहत् प्राप्त किए 6 हजार करोड़ रूपए की ग्रांट को इस्तेमाल में लाएं। इसके अलावा वह राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोतरी तथा सुधार करने के अलावा गरीबों तथा जरूरतमंदों की सहायता के लिए 20 मार्च के बाद केंद्र द्वारा हासिल किए 3485 करोड़ रूपए की राशि को इस्तेमाल करे।

यहां एक प्रेस बयान जारी करते हुए श्रीमती हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि किसानों, खेत मजदूरों, दिहाड़ीदारों तथा प्रवासी मजदूरों की सीधी सहायता की जाए तथा औद्योगिक सैक्टर तथा आम आदमी को आवश्यक छूट दी जाएं। उन्होने कहा कि आपदा राहत कोष के तहत् राज्य सरकार के पास पड़े 6 हजार करोड़ रूपए से ज्यादा रकम को तुरंत इस उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होने कहा कि केंद्र सरार ने भी इस राशि का इस्तेमाल कोविड-19 की रोकथाम करने के लिए मंजूरी दे दी है। पंजाब सरकार को इन फंडों को जारी करने में अब ज्यादा देरी नही करनी चाहिए। उन्होने कहा कि सरकार को राज्य के सरकारी अस्पतालों में प्राथमिक सुविधाओं में बढ़ोतरी करने, आवश्यक वेंटीलेटर तथा पीपीई किटें खरीदने तथा महामारी के खिलाफ डटकर अग्रिम पंक्ति के यौद्धाओं के लिए दस्ताने तथा मास्कों के लिए यह पैसा जारी करना चाहिए।

श्रीमती बादल ने यह भी बताया कि उन्होेने खुलासा कर दिया है कि केंद्र द्वारा 20 मार्च के बाद जब कोविड-19 महामारी फैली थी तो पंजाब सरकार को जीएसटी मुआवजा तथा बकाया के तहत् 2366 करोड़ रूपए जारी किए थे। इसके अलावा विभिन्न विभागों द्वारा अन्य पैसा भी दिया गया है। उन्होने कहा कि राज्य सरकार ने जवाब दिया है कि जीएसटी के संग्रह से एकत्रित यह सारा पैसा इसका अपना है। श्रीमती बादल ने कहा कि बेशक यह पैसा लोगों का है तथा लोग दुख भोग रहे हैं। उन्होने कहा कि राज्य सरकार को केंद्र द्वारा भेजे फंडों का इस तरह इस्तेमाल किया जाना चाहिए कि इस संकट के समय में पंजाबियों को कष्ट न भोगना पड़े। क्या इससे महत्वपूर्ण कुछ हो सकता है?

केंद्रीय मंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा पंजाब को 20 मार्च के बाद जारी किए सभी ग्रांटों के बारे भारत सरकार से हुई बातचीत का ब्यौरा भी जारी किया, जिसमें 638 करोड़ रूपए की वित्तीय ग्रांट, आपदा प्रबंधन के लिए इस साल की पहली किस्त के 247 करोड़ रूपए, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत् 41 करोड़ रूपए तथा आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए प्रधानमंत्री द्वारा घोषित पैकेज के तहत् 71.87 करोड़ रूपए की शत प्रतिशत सहायता आदि शामिल है। उन्होने कहा कि इसके अलावा पंजाब ने केंद्र से 10.70 लाख हॉइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन गोलियां, 3365 एन-95 मास्क तथा 4500 पीपीई किटें भी प्राप्त की हैं।

श्रीमती बादल ने कहा कि इतने मुश्किल समय में एक दूसरे के साथ लांछन यां तकरार का समय नही है। अब सहयोग की भावना होनी चाहिए। मैने राज्य सरकार के पास कोविड-19 से निपटने के लिए मौजूद पैसे की सूची जारी की है। मैं मुख्यमंत्री से अपील करती हूं कि वह इस सारे पैसे तथा राज्य आपदा राहत कोष में पड़े 6 हजार करोड़ रूपए को इस कठिन समय में लोगों की सहायता के लिए इस्तेमाल करें। उन्होने कहा कि मैं मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को आश्वासन दिलाती हूं कि जब राज्य ने यह 6 हजार करोड़ रूपए खर्च कर लिए तब आपदा राहत कोष के तहत् केंद्र से अन्य फंड लेने के लिए पूर्ण सहयोग करूंगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह कड़वी सच्चाई है कि केंद्र द्वारा पंजाब की आधी आबादी यानि 1.4 करोड़ लोगों के लिए भेजा राशन अभी तक राज्य के गोदामों में पड़ा है। दो जिलों को छोड़कर इसे अभी वितरित करना भी शुरू नही किया है। उन्होने कहा कि आपको जल्द से जल्द इस राशन को जरूरतमंदों में बांटने की अपील करती हूं। श्रीमती बादल ने यह भी बताया कि किस तरह गरीबों तथा प्रवासी मजदूरों के लिए आए इस राशन के फंड का राजनीतिकरण किया जा चुका है। उन्होने कहा कि कृप्या करके अपने अधिकारियों को निर्देश दो कि राशन का वितरण बिना किसी राजनीतिक दखल से पारदर्शी ढ़ंग से की जाए।

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