मोदी स्वास्थ्य कवरेज को प्राथमिकता देने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री : लांसेंट

‘द लांसेट’ पत्रिका के प्रधान संपादक रिचर्ड होर्टन ने कहा है कि प्रधानमंत्री ने गैर संक्रामक रोगों से घिरे भारत में स्वास्थ्य के महत्व को न केवल नागरिकों के प्राकृतिक अधिकार के तौर पर बल्कि उभरते मध्यवर्ग की बढ़ती आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए राजनीतिक औजार के तौर पर लिया है.

 

नई दिल्ली समाचार आजतक : ब्रिटेन की एक मशहूर चिकित्सा पत्रिका ने कहा है कि नरेंद्र मोदी ‘आयुष्मान भारत’ कार्यक्रम के तहत अपने राजनीतिक मंच के अंतर्गत सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज को प्राथमिकता देने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं और कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी मोदी के मुकाबले में पीछे हैं. ‘द लांसेट’ पत्रिका के प्रधान संपादक रिचर्ड होर्टन ने कहा है कि प्रधानमंत्री ने गैर संक्रामक रोगों से घिरे भारत में स्वास्थ्य के महत्व को न केवल नागरिकों के प्राकृतिक अधिकार के तौर पर बल्कि उभरते मध्यवर्ग की बढ़ती आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए राजनीतिक औजार के तौर पर लिया है.

 

उन्होंने पत्रिका में लिखा है, ‘‘कांग्रेस को फिर से सशक्त करने और भारत के महान राजनीतिक वंश के पास देने के लिए कुछ है, यह साबित करने में जुटे राहुल गांधी निम्न जातियों, जनजातियों और ग्रामीण गरीबों की मदद करने का वादा करने के बावजूद मोदीकेयर के मुकाबले में पीछे हैं.’’  लांसेट के प्रधान संपादक ने इस बात पर बल दिया है कि भारत में अगले आम चुनाव में स्वास्थ्य एक निर्णायक मुद्दा होगा.

 

बुधवार को द लांसेट ग्रुप ऑफ जर्नल्स में गैर संक्रामक बीमारियों पर भारत के विशेष संदर्भ में पांच रोगों के बोझ संबंधी अध्ययन के संदर्भ में होर्टन ने कहा, ‘‘भारत के भविष्य के प्रति विभिन्न दृष्टिकोणों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच प्रतिस्पर्धा छिड़ने के बीच स्वास्थ्य अगले साल के आम चुनाव में एक उपयुक्त निर्णायक मुद्दा बनेगा. ’’पिछले महीने लंदन स्कूल ऑफ इकॉनोमिक्स में राहुल गांधी द्वारा यह कहे जाने पर कि भारत में पूर्ण संकट है, का हवाला देते हुए लांसेट के प्रधान संपादक ने कहा कि कांग्रेस प्रमुख नौकरियों के संकट का जिक्र कर रहे थे लेकिन लांसेट की विशेषज्ञता संबंधी तीन पत्रिकाओं में प्रकाशित पांच शोधपत्रों में खुलासा किया गया है कि भारत में स्वास्थ्य संकट भी है.

 

आलेख में कहा गया है, ‘‘सालों की अनदेखी के बाद भारत सरकार ने स्वास्थ्य के बारे में व्यापक जन असंतोष को पहचाना. इस साल शुरु की गई आयुष्मान भारत नामक पहल के तहत प्रधानमंत्री ने दो नए अहम कार्यक्रम शुरु किये.’’

 

आलेख में कहा गया है, ‘‘आयुष्मान भारत के दो स्तंभ हैं: सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लिए प्राथमिक देखभाल सुविधाओं का मेरुदंड प्रदान करने के लिए 1,50,000 स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों का निर्माण तथा सलाना पांच लाख रुपये प्रति परिवार का कवरेज प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य बीमा जिससे दस करोड़ से अधिक गरीब परिवार को फायदे होंगे.’’
आलेख के अनुसार इन दोनों से उत्तम स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार आएगा तथा इलाज पर लोगों की जेब कम ढीली होगी

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