एससी-एसटी एक्ट के तहत सवर्णों का भारत बंद कल, एमपी में धारा 144 लागू और कई राज्यों में अलर्ट

समाचार आज तक, जालंधर

एससी-एसटी संशोधित एक्ट के खिलाफ कल पूरे भारत में बंद रखा गया है खासकर मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश छत्तीसगढ़ और राजस्थान में पुलिस की ड्यूटी बढ़ाई गई है।

एससी-एसटी संशोधित एक्ट के खिलाफ सवर्णों का गुस्सा लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। सोशल मीडिया में भी इन दिनों संशोधित एससी-एसटी एक्ट को लेकर बहस जारी है, जहां भारत बंद को लेकर चर्चाओं का दौर चल रहा है। बताया जा रहा है कि सपाक्स समाज (मध्य प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों का संगठन है) और करणी सेना की अगुवाई में कल (गुरुवार, 6 सितंबर) सवर्ण समाज ने भारत बंद बुलाया है। सवर्णों के इस बंद के मद्देनजर देश भर में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद कर दी गई है। खास तौर पर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं।मध्य प्रदेश में पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है और भिंड़, ग्वालियर, छतरपुर, रीवा, शिवपुरी, श्योपुर समेत यहां कई शहरों में धारा 144 लागू कर दी गई है।  मध्य प्रदेश में सवर्ण समाज के कई संगठन सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके निशाने पर बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही हैं।

बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश के गुना के थानों में आंसू गैस के गोले भेजे गए हैं। श्योपुर में एससी-एसटी एक्ट के विरोध में पहले भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष नरेश जिंदल ने इस्तीफा दिया, बाद में तीन पूर्व पदाधिकारियों ने भी अपने इस्तीफे पार्टी को सौंप दिए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रियों से कैबिनेट बैठक में कहा कि बंद को लेकर कोई भी हिंसा न हो, इस पर नजर रखें।

करणी सेना ने ग्वालियर में रैली की और सीएम शिवराज के मुंह पर कालिख पोतने की धमकी दे डाली है। सतना में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का घेराव किया गया। रैली का आयोजन कथा वाचक देवकी नंदन ठाकुर ने किया था।

करणी सेना की भारत बंद की ये ललकार मध्य प्रदेश से निकलकर राजस्थान और छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश में भी बीजेपी की परेशानी बढ़ा सकती है, क्योंकि राजस्थान में इस संगठन का बड़ा प्रभाव है।

मध्य प्रदेश में कल बंद रहेंगे पट्रोल पंप
उच्चतम न्यायालय के आदेश को पटलने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा एससी/एसटी कानून में संशोधन के खिलाफ कतिपय सवर्ण संगठनों ने गुरुवार (छह सितम्बर) को आहूत ‘भारत बंद’ के मद्देनजर मध्यप्रदेश के सभी पेट्रोल पम्प मालिकों ने अपने प्रतिष्ठान बंद करने फैसला किया है।

मध्यप्रदेश पट्रोल पम्प ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि कुछ संगठनों के बंद के आह्वान को देखते हुए हमनें सुरक्षा कारणों से पूरे प्रदेश में सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक पेट्रोल पम्प बंद रखने का निर्णय लिया है।

मध्यप्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक (इंटेलीजेंस) मकरंद देउस्कर ने बताया कि छह सितम्बर को बंद के आह्वान को देखते हुए अधिकांश जिलों में प्रशासन द्वारा एहतियाती तौर पर धारा 144 से लगा दी गई है। उन्होंने बताया कि विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) की 34 कंपनियां प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात की गयी हैं।

जबलपुर की जिला कलेक्टर छवि भारद्वाज ने बंद के आह्वान को देखते हुए गुरूवार शाम छह बजे तक जिले में इंटरनेट सेवा प्रतिबंधित करने का आग्रह करते हुए प्रदेश के गृह विभाग को पत्र लिखा है। इस बीच भिण्ड के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने जिले में सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है।

हालांकि एसटी-एससी कानून में संशोधन के विरोध में बुधवार को भी विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने टीकमगढ़ में आज पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं भाजपा के सांसद प्रहलाद पटेल को काले झंडे दिखाए गए। पटेल वहां पार्टी के पिछड़ा वर्ग के कार्यकर्ताओं की एक बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। वहीं ग्वालियर में पार्टी के ओबीसी प्रकोष्ठ की बैठक स्थल के बाहर प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की।

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